‘ऑपरेशन नेत्र’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए झारसुगुड़ा जिला पुलिस ने ब्रजराजनगर में सक्रिय एक संगठित अवैध हथियार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक प्रमुख हथियार सप्लायर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को मिली विशेष सूचना के आधार पर टीम ने आरोपियों को उस समय पकड़ा, जब वे पुरानी दुश्मनी से जुड़े हिंसक अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। कार्रवाई के दौरान पांच देसी 7.65 मिमी पिस्टल, 20 जिंदा कारतूस और हथियारों की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष खेड़कर (36), बिशाल बाग (30) और बंटी प्रसाद (34) के रूप में हुई है। इनमें बंटी प्रसाद को मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है, जो बिहार के सारण और वैशाली जिलों से हथियार लाकर झारसुगुड़ा में सप्लाई करता था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास लोडेड हथियार थे, जिन्हें उन्होंने कमर में छिपा रखा था। प्रत्येक पिस्टल की कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
जांच में सामने आया है कि बंटी प्रसाद हथियारों की खरीद कर स्थानीय सहयोगियों संतोष खेड़कर और बिशाल बाग को देता था, जो इनका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में करने वाले थे। गिरोह हथियारों को गुप्त रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करता था।
झारसुगुड़ा के पुलिस अधीक्षक गुंडाला रेड्डी राघवेंद्र ने इस कार्रवाई को “बड़ी सफलता” बताया। उन्होंने कहा कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिसमें लूट, हत्या का प्रयास, डकैती की तैयारी, हमला और आर्म्स एक्ट के कई मामले शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इनकी गतिविधियां सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा थीं। इस कार्रवाई से जिले में प्रवेश कर रही अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई चेन पर प्रभावी रोक लगी है।
पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे के लिंक खंगाल रही है, अन्य सहयोगियों की पहचान कर रही है और लंबित मामलों में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है।