वाहन मालिकों को राहत देते हुए ओडिशा सरकार ने एक अप्रैल तक टोल गेटों पर प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने को माफ करने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन वाहन मालिकों की परेशानियों को देखते हुए लिया गया है, जिन्हें प्रदूषण जांच (पीयूसी) कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने राज्य परिवहन प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) से संबंधित सभी दंडात्मक कार्रवाई, जिनमें टोल प्लाज़ा पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पकड़े गए उल्लंघन भी शामिल हैं, एक अप्रैल तक स्थगित रखी जाए।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि टोल गेटों पर इलेक्ट्रॉनिक डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से लगाए गए जुर्मानों को भी 1 अप्रैल तक प्रभावी न किया जाए। यह निर्णय राज्यभर में प्रदूषण जांच केंद्रों की सीमित उपलब्धता के कारण जनता द्वारा की गई शिकायतों के मद्देनज़र लिया गया है।
इसके अलावा, संबंधित विभाग को वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत लगाए जाने वाले 10,000 रुपये के भारी जुर्माने की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है।
मंत्री जेना ने जोर देकर कहा कि वाहन मालिकों को प्रदूषण जांच के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि वायु गुणवत्ता में हो रही गिरावट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
कड़े परिवहन नियमों के बावजूद, ओडिशा में केवल 21 प्रतिशत वाहनों के पास ही वैध पीयूसी प्रमाणपत्र है। इसे देखते हुए सरकार ने वाहन मालिकों से नियमों का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की है।