मानसून के खत्म होने के बाद दुर्गा पूजा से ठीक पहले डेंगू का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई थी। हालांकि दावा किया जा रहा है कि पिछले कुछ सालों की तुलना में इस साल की स्थिति थोड़ी ठीक जरूर है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी डेंगू से बचाव के मामले में कोई लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बुखार के साथ-साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक बदलाव की स्थिति में मरीज पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी है। स्वास्थ्य भवन की ओर से चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों को सावधान किया गया है कि कई बार बुखार उतरने के बाद भी डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में स्वास्थ्य भवन में राज्य की डेंगू स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मखर्जी ने की। इस बैठक में 6 निगमों, 6 नगरपालिकाओं, मेडिकल कॉलेजों, जिला प्रशासनों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को आगाह करते हुए विज्ञप्ति जारी की जिसमें कहा गया कि डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए, बुखार की शुरुआत से ही मरीजों के स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों पर कड़ी नजर रखी जाए। इसके साथ ही कहा गया कि बुखार कम होने के बाद भी डेंगू का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
स्वास्थ्य विभाग सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में डेंगू से संक्रमित मरीजों की संख्या लगभग 10,000 पर पहुंच गई है। बताया जाता है कि राज्यभर में सबसे ज्यादा डेंगू संक्रमितों की संख्या मुर्शिदाबाद में है जहां लगभघ 2500 मरीज संक्रमित पाए गए हैं।