ओडिशा सरकार ने सोमवार को कहा कि बालीमेला और माछकुंड सहित प्रमुख जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद फिलहाल राज्य में जल या बिजली संकट का कोई खतरा नहीं है। पेयजल, सिंचाई और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य कंटीजेंसी प्लान (आकस्मिक योजना) लागू कर दिया गया है।
यह निर्णय उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण बनाए रखने और बिजली उत्पादन से पहले पेयजल व सिंचाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कमजोर मानसून और जलाशयों के घटते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन और कृषि विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। खरीफ फसलों पर असर न पड़े, इसके लिए जल संरक्षण उपाय तेज किए गए हैं। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
सिंहदेव ने कहा कि बालीमेला जलविद्युत परियोजना में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना किसानों के हित और जल सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया एहतियाती कदम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वैकल्पिक स्रोतों से बिजली खरीद के कारण राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
जलविद्युत उत्पादन में कमी की भरपाई के लिए GRIDCO और OHPC बाहरी स्रोतों से बिजली खरीद रहे हैं। वहीं, माछकुंड परियोजना की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ बातचीत जारी है, ताकि जल्द बिजली उत्पादन सामान्य हो सके।
सरकार ने कहा कि किसानों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करते हुए जल एवं ऊर्जा संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है।