ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार की जनशिकायत निवारण व्यवस्था लगातार अधिक प्रभावी हो रही है। उन्होंने बताया कि राज्यस्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम के पहले 18 चरणों में प्राप्त 96 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। यूनिट-2 स्थित शिकायत सुनवाई कक्ष में आयोजित मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम के 19वें चरण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से आम लोगों की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत की राज्य मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक नियमित निगरानी की जा रही है। इससे शिकायतों के निस्तारण की गति में लगातार सुधार हुआ है और लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहले 18 राज्यस्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रमों में प्राप्त 14,941 शिकायतों में से 14,331 का समाधान किया जा चुका है, जो 96 प्रतिशत निस्तारण दर है।
मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर भी शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि सभी जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक नियमित जनसुनवाई कर रहे हैं, जबकि तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम जारी हैं। जून के अंत तक जिलों में 2,59,213 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें से करीब 89 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि विकेंद्रीकृत व्यवस्था से लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में होने वाली परेशानी काफी कम हुई है और सरकार के प्रति उनका भरोसा बढ़ा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले जनसुनवाई कक्ष के बाहर इंतजार कर रहे दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने स्वयं उनकी शिकायतें और आवेदन प्राप्त किए तथा अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पंजीकृत आवेदकों की शिकायतें सुनीं।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न गंभीर बीमारियों से जूझ रहे करीब 12 मरीजों के इलाज के लिए सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से 6.15 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता भी मंजूर की।
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से 700 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।
इस जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ छह कैबिनेट मंत्री भी शामिल हुए। इनमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, स्कूल एवं जनशिक्षा तथा एसटी-एससी विकास मंत्री नित्यानंद गोंड, वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना, पंचायती राज, पेयजल एवं ग्रामीण विकास मंत्री रबी नारायण नायक, उद्योग एवं कौशल विकास मंत्री संपद चंद्र स्वाईं तथा मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक शामिल थे।
इस अवसर पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्रा, सामान्य प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।