एक बड़े अंतरराज्यीय अभियान में ओडिशा पुलिस के क्राइम अगेंस्ट वूमेन एंड चिल्ड्रेन विंग ने 17 राज्यों से लापता और तस्करी के शिकार 101 ओड़िया बच्चों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बचाया। रिपोर्ट के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग, ओडिशा सरकार के सहयोग से 28 अगस्त से 8 सितंबर, 2026 तक विशेष अभियान ‘ऑपरेशन अन्वेषण’ चलाया गया। ओडिशा की कुल 17 टीमों को उन 17 राज्यों में भेजा गया, जहां आमतौर पर ओड़िया बच्चों के मिलने की संभावना रहती है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। बरामद किए गए 101 बच्चों में 54 लड़के और 47 लड़कियां हैं।
पुलिस के अनुसार, बचाई गई सबसे कम उम्र की बच्ची महज 3 महीने की है, जो अपनी नाबालिग मां के साथ एक संस्थान में रह रही थी। वहीं, एक बच्चा 5 साल से अधिक समय तक संस्थागत देखभाल में रहा था।
कुल 101 बच्चों में से 83 बच्चे (46 लड़के और 37 लड़कियां) बाल देखभाल संस्थानों (CCI) से मिले। 7 बच्चे (6 लड़के और 1 लड़की) श्रम स्थलों से बरामद किए गए, जबकि 11 बच्चे (2 लड़के और 9 लड़कियां) ऐसे थे जिनके ओडिशा में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
सबसे अधिक 30 बच्चों का पता पश्चिम बंगाल से लगाया गया। यह अभियान डीएसपी बामदेव नंद के नेतृत्व वाली टीम ने चलाया, जिसकी निगरानी ईस्टर्न रेंज, बालेश्वर के डीआईजी पिनाक मिश्रा कर रहे थे। इसके बाद कर्नाटक से 11, झारखंड से 10 और तमिलनाडु से 10 बच्चों का पता लगाया गया।
कर्नाटक से बच्चों का पता साउदर्न रेंज, ब्रम्हपुर के डीएसपी प्रशांत कुमार पात्र के नेतृत्व वाली टीम ने लगाया। वहीं, झारखंड में डीएसपी ज्योत्स्नारानी बेहरा और तमिलनाडु में डीएसपी गिरिजानंदन पटनायक के नेतृत्व वाली टीमों ने अभियान चलाया।
सभी बच्चों को या तो ओडिशा वापस भेज दिया गया है या उन्हें पुनर्मिलन और पुनर्वास के लिए ओडिशा वापस लाने की प्रक्रिया जारी है। अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग के लीगल-कम-प्रोबेशन अधिकारियों ने भी सहयोग किया। इस अभियान को महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त-सह-सचिव डॉ. मृणालिनी दारसवाल, आईएएस का सक्रिय सहयोग और समर्थन मिला।