ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने पुरी रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठगने वाली 81 फर्जी होटल वेबसाइटों को बंद करा दिया है। यह जानकारी रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई। रथयात्रा-2026 के लिए चलाए गए 'साइबर साथी' अभियान के तहत क्राइम ब्रांच की साइबर सुरक्षा एवं प्रतिक्रिया टीम ने 12 से 25 जुलाई तक पुरी में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान श्रद्धालुओं, पर्यटकों, होटल संचालकों, स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों को साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जागरूक किया गया।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, टीम ने पुरी के 104 प्रमुख होटलों का दौरा कर होटल प्रबंधन को फर्जी होटल बुकिंग घोटालों के प्रति सतर्क किया। इस दौरान होटलों की वेबसाइटों का सुरक्षा मूल्यांकन किया गया और संभावित खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक परामर्श जारी किए गए।
जांच के दौरान 81 फर्जी होटल वेबसाइटों और वेबपेजों की पहचान की गई, जिन्हें बाद में बंद करा दिया गया।
अभियान के दौरान टीम ने 12,180 से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों से संपर्क कर उन्हें विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी दी और साइबर सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी वितरित किए।
इसके अलावा, टीम ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुरी रथयात्रा से जुड़े 180 से अधिक भ्रामक पोस्टों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई भी कराई।
क्राइम ब्रांच ने इस अभियान के दौरान सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर 291 गुम मोबाइल फोन की शिकायतें भी दर्ज कराईं।
ओडिशा पुलिस ने सभी नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे साइबर ठगी से सतर्क रहें, केवल विश्वसनीय माध्यमों से ही होटल की बुकिंग करें, साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित एवं साइबर जागरूक वातावरण बनाने में पुलिस का सहयोग करें।