जलाशय में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए ओडिशा के संबलपुर जिले में स्थित हीराकुद बांध के अधिकारियों ने रविवार को दो और स्लुइस गेट खोल दिए। इसके साथ ही अब बांध के कुल 22 गेट खुले हैं, जिनसे बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है।
खुले 22 गेटों में 15 गेट बाईं ओर और 7 गेट दाईं ओर हैं। फिलहाल हीराकुद जलाशय का जलस्तर 628.19 फीट दर्ज किया गया है।
जलाशय में औसतन 3,39,018 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि कुल बहिर्वाह 3,64,432 क्यूसेक है। इसमें से 3,26,100 क्यूसेक पानी स्पिलवे के जरिए और 34,448 क्यूसेक पावर चैनल के जरिए छोड़ा जा रहा है।
जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ने के बीच अतिरिक्त गेट खोले गए हैं। बांध से बढ़ा हुआ पानी छोड़ा जाना जलाशय में बढ़ते जलस्तर और आवक के प्रबंधन का हिस्सा है।
फिलहाल कुल 22 स्लुइस गेट खुले होने के कारण स्पिलवे और पावर चैनल के जरिए बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, हीराकुद जलाशय से कुल बहिर्वाह औसत आवक से अधिक बना हुआ है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
इससे पहले रविवार को बैतरणी, सालंदी, सुवर्णरेखा और जालका नदियां अपने-अपने खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं, जिससे भद्रक और बालेश्वर जिलों के कई निचले इलाकों में स्थिति प्रभावित हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय केंद्र ने अपने दोपहर के बुलेटिन में लोगों को मौसम पर नजर रखने और आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। साथ ही शहरी इलाकों में यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।