भद्रक जिले में पुलिस ने एक पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी ग्राहक विवरण का इस्तेमाल कर सिम कार्ड जारी करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है। इनमें से कुछ सिम कार्ड बाद में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े पाए गए।
आरोपी की पहचान तियाड़ी थाना क्षेत्र के भीतराडिगापटना (भुबन) निवासी सौम्य रंजन डे के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, डे के पीओएस कोड के जरिए नौ मोबाइल कनेक्शन जारी किए गए थे। संबंधित ग्राहक आवेदन फॉर्म की जांच के दौरान पुलिस को ग्राहकों के विवरण में कई गड़बड़ियां मिलीं। कई आवेदनों में ग्राहक के पिता के नाम के लिए निर्धारित कॉलम में कथित तौर पर अर्थहीन जानकारी दर्ज की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने उन कुछ लोगों से संपर्क किया, जिनके नाम पर ये सिम कार्ड जारी किए गए थे। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि उनके नाम पर सिम कनेक्शन जारी किए जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
पुलिस ने बताया कि इन नौ मोबाइल नंबरों के बाद में इस्तेमाल की जांच करने पर पता चला कि इन नंबरों के खिलाफ NCRP पर साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कई शिकायतें पहले से दर्ज थीं।
जांचकर्ताओं ने डे की तलाश में उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी किए जाने का संबंध बाद में उनके साइबर अपराधों में इस्तेमाल से था या नहीं।
यह मामला भद्रक साइबर थाना के इंस्पेक्टर मनस रंजन बिस्वाल की लिखित शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर 2026 को केस नंबर 19/2026 के रूप में दर्ज किया गया है।