ओडिशा सरकार और नीति आयोग के बीच मजबूत होती साझेदारी को रेखांकित करते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी के साथ शनिवार को लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मिले।
इस बैठक में ओडिशा की विकास प्राथमिकताओं, जारी सुधारों और राज्य सरकार व नीति आयोग के बीच भविष्य के सहयोग पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क, सिंचाई, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अवसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ओडिशा द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया, जो औद्योगिक विस्तार के साथ-साथ ग्रामीण विकास को भी गति दे रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर–कटक–पुरी–पारादीप आर्थिक क्षेत्र (BCPPER) के विकास के लिए नीति आयोग के समर्थन का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित आर्थिक क्षेत्र, जिसमें लगभग 90 प्राथमिकता वाली परियोजनाएं शामिल हैं, राज्य के शहरी और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है। उन्होंने शहरी चुनौती कोष (Urban Challenge Fund) के माध्यम से वित्तीय सहायता सहित नीति आयोग से मार्गदर्शन और सहयोग का अनुरोध किया।
राज्य की विकास यात्रा की सराहना करते हुए सुमन बेरी ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व और ओडिशा सरकार के सुधारोन्मुखी दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ओडिशा वित्तीय स्वास्थ्य के मामले में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है और यहां औद्योगिक विकास व निवेश के लिए अनुकूल, मजबूत और स्थिर कारोबारी माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने राज्य में औद्योगिकीकरण को तेज करने वाले प्रभावी सुधारों की भी सराहना की।
बेरी ने कहा कि भुवनेश्वर को एक मॉडल शहर के रूप में विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है, जहां कुशल सीवेज प्रबंधन, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और सतत शहरी अवसंरचना पर जोर हो। उन्होंने भुवनेश्वर को देश के लिए एक मानक शहर के रूप में विकसित करने हेतु “टेक्सास मॉडल” जैसी एकीकृत शहरी नियोजन पद्धति सहित वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का सुझाव दिया।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी ने भी राज्य की दूरदर्शी नीतियों और समावेशी व सतत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राष्ट्रीय सुधार एजेंडा के अनुरूप, ओडिशा सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और निवेश सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि नीति आयोग के साथ साझेदारी ओडिशा की समावेशी विकास, औद्योगिक प्रगति और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार की यात्रा को और तेज करेगी।