वार्षिक रथ यात्रा के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को पुलिस विभाग ने रथ खींचने का मॉक ड्रिल आयोजित किया। इस अभ्यास का उद्देश्य पुलिस बल को तीनों रथों को खींचने की प्रक्रिया, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा घेरे के प्रभावी संचालन से परिचित कराना था।
मॉक ड्रिल के दौरान तालध्वज, नंदीघोष और देवदलन रथों के प्रतीक के रूप में तीन जीपों का इस्तेमाल किया गया। इन जीपों को खींचकर वास्तविक रथ खींचने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।
अभ्यास के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की चरणबद्ध तैनाती का प्रदर्शन किया। सबसे आगे क्लियरेंस टीम, उसके बाद ड्रैगिंग टीम और फिर कॉर्डन टीम चलेगी। रथों के चारों ओर विभिन्न चरणों में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी ताकि व्यवस्था बनी रहे।
इस मॉक ड्रिल की निगरानी रथ प्रभारी पुलिस अधिकारियों, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) और मजिस्ट्रेटों ने की। पुलिसकर्मियों को यह भी बताया गया कि रथों के ऊपर से दिए जाने वाले कमांड और झंडे के संकेतों के आधार पर रथ खींचने की प्रक्रिया का संचालन कैसे किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और पुरी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रथ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाना है।