बेसेंट बीच पर सुदर्शन पटनायक की रेत कला बेज़ुबानों की आवाज

  • Jan 15, 2026
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भुवनेश्वर,15 जनवरीः

प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने बेसेंट बीच पर कछुए की एक बेहद आकर्षक रेत मूर्ति बनाकर समुद्री जीवन पर प्लास्टिक प्रदूषण के विनाशकारी प्रभाव को उजागर किया है। उन्होंने अपने एक्स (X) अकाउंट पर लिखा, “जब प्लास्टिक समुद्र में जाता है, तो जीवन पीड़ित होता है। बेसेंट बीच पर मेरी रेत कला बेज़ुबानों की आवाज है।

पटनायक की इस रेत कला में कछुए का संघर्ष दर्शाया गया है, जिसके शरीर के भीतर प्लास्टिक की बोतलें और कचरा फंसा हुआ दिखाया गया है। यह चित्रण प्लास्टिक कचरे को कम करने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर देता है।

 यह पहली बार नहीं है जब सुदर्शन पटनायक ने पर्यावरण जागरूकता के लिए अपनी कला का उपयोग किया हो। इससे पहले भी वे इसी तरह की कई रचनाए बना चुके हैं।

 उन्होंने पहले 30 टन रेत और रंगीन रेत का उपयोग कर 55 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी कछुए की विशाल रेत मूर्ति बनाई थी, जिस परबीट प्लास्टिक पॉल्यूशनका संदेश दिया गया था। यह विषय वर्ष 2018 का प्रमुख संदेश रहा, जो प्लास्टिक प्रदूषण जैसे गंभीर पर्यावरणीय संकट के खिलाफ सामूहिक प्रयास का आह्वान करता है।

पटनायक के इन प्रयासों की पर्यावरणविदों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने खूब सराहना की है। लोग प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने के उनके अनोखे तरीके की प्रशंसा कर रहे हैं।

 उनकी यह कलाकृति समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा और प्लास्टिक कचरे को कम करने के महत्व की एक मार्मिक याद दिलाती है।

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