ओडिशा में बाढ़ की स्थिति लगातार सामान्य हो रही है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने रविवार को बताया कि जाजपुर, भद्रक और बालेश्वर में प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने से राहत मिली है। प्रभावित नदी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से नए बाढ़ खतरे की आशंका नहीं है। उन्होंने बताया कि लगभग दो-तिहाई जलमग्न क्षेत्रों में पानी काफी कम हो चुका है और आने वाले दिनों में जलस्तर तेजी से घटने की उम्मीद है।
राउत के अनुसार, बैतरणी नदी का जलस्तर अखुआपड़ा में 17.29 मीटर है, जो 18.33 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। आनंदपुर बैराज में जलस्तर 34.66 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 38.36 मीटर है। बैराज के कुछ गेट खोले गए हैं, लेकिन केवल 1,000 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
भद्रक में राजघाट पुल के पास सलांदी नदी का जलस्तर घटकर 12.60 फीट हो गया है, जो 17 फीट के खतरे के निशान से काफी नीचे है।
बालेश्वर में मथानी रोड पुल के पास जलका नदी का जलस्तर 6.10 मीटर है, जो 6.50 मीटर के खतरे के स्तर से नीचे है। हालांकि, समुद्र के निकट होने के कारण बस्ता और सदर क्षेत्रों से बाढ़ का पानी निकलने में कुछ समय लग सकता है। पिछले दो दिनों के ऊंचे ज्वार के कारण जल निकासी धीमी रही है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि रेंगाली जलाशय का केवल एक गेट खोला गया है, जिससे करीब 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति अब स्थिर हो रही है तथा प्रशासन नदी जलस्तर पर लगातार नजर रखते हुए राहत और पुनर्वास कार्य जारी रखे हुए है।