क्राइम ब्रांच के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने बालिअंता में हुई दो बेहद संवेदनशील मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) मामलों की जांच की पूरी जिम्मेदारी संभाल ली है। ये मामले एक महिला के साथ सरेआम कथित यौन उत्पीड़न और उसके बाद सौम्य रंजन स्वाईं की मौत से जुड़े हैं, जिसकी कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इन घटनाओं की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए, ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने पूरी तरह, निष्पक्ष और पेशेवर जांच के लिए मामले की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच को सौंपने का आदेश दिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ,सीआईडी-क्राइम ब्रांच की पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रत्नप्रभा शतपथी को मौके पर जाकर जांच का नेतृत्व करने के लिए तैनात किया गया है। यह जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनिरुद्ध राउतराय की सीधी निगरानी में की जा रही है, जिसमें पूरी स्पष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इन मामलों को इस विशिष्ट जांच एजेंसी को सौंपने का फैसला कथित अपराधों की चौंकाने वाली प्रकृति को लेकर जनता में बढ़ती चिंताओं के बीच लिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घटनाओं के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
इससे पहले शनिवार को, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने क्राइम ब्रांच को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया था।