कटक कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय टेलीग्राम निवेश घोटाले में शामिल संगठित साइबर अपराधियों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों और निजी बैंकों के कर्मचारियों सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा 90 लाख से अधिक की बैंक राशि को फ्रीज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—नागफेना गांव के विजय कुमार मेहर (28), पलेसिरा गांव के विश्वंभर खरसैल (27), बथरला गांव के राजेश टांडी (20), बड़पड़ा गांव के अनिल नायक (21), जेल लाइन पड़ा गांव के श्रीतम मेहर (19), सुनामुड़ी गांव के दीपक धरुआ (24) और एक बैंक कर्मचारी।
पुलिस ने भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है, जिसमें 69 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, तीन डेस्कटॉप, विभिन्न सेवा प्रदाताओं के 215 सिम कार्ड, 554 बैंक खाता पासबुक, 702 डेबिट और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों में 90 लाख से अधिक की राशि फ्रीज की गई है। एक चारपहिया वाहन, दो दोपहिया वाहन और 3,200 नकद भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी कंपनियों और म्यूल (किराये के) बैंक खातों के नेटवर्क के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करता था। आरोपी बैंक अधिकारियों और आम लोगों को रिश्वत देकर म्यूल बैंक खाते और सिम कार्ड खरीदते थे।
गिरोह टेलीग्राम और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए निवेश पर अत्यधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामग्रियां भी जब्त किया है। इसी तरह के अन्य घोटालों में गिरोह की संलिप्तता की जांच जारी है।
पुलिस ने आम जनता को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से सतर्क रहने और छोटे लाभ के लिए अपने बैंक खाते किराये पर न देने की चेतावनी दी है।