मासूम बालिका से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी सोमेश यादव को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफटीएससी, विशेष न्यायालय पॉक्सो दुर्ग ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। छह अप्रैल 2025 को छह साल तीन माह की बालिका के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने बालिका को एक वाहन से बरामद किया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।दुर्ग पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर डीएनए, जैविक, चिकित्सकीय, सीसीटीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जुटाया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके मेमोरेण्डम के आधार पर संबंधित वस्तुओं की बरामदगी की गई। एफएसएफ और डीएनए जांच समेत वैज्ञानिक साक्ष्यों को अभियोजन के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6(1) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मृत्युदंड और प्रत्येक धारा में 5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
वहीं धारा 238(क) के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मृत्युदंड की पुष्टि की प्रक्रिया अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में होगी। पीड़ित परिवार को आहत प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का निर्देश भी दिया गया है।आहत प्रतिकर योजना या पीड़ित प्रतिकर योजना एक ऐसी सरकारी योजना है, जिसके तहत किसी अपराध या दुर्धटना में पीड़ित हुए व्यक्ति या उसके आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाती है।