बिजली उत्पादन करने वाली वेदांता पावर प्लांट में कल हुए हादसे में 17 मजदूरों की अबतक मौत हो चुकी है। अभी भी गंभीर रुप से घायलों का इलाज रायपुर में चल रहा है जिसमें से कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। सक्ती कलेक्टर ने कहा है कि हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं। घायलों को अच्छे से अच्छा इलाज मिले इसकी पूरी व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने कहा कि प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन की चर्चा की बाद मुआवजे का भी ऐलान कर दिया गया है। हादसे में जिन मजदूरों की जान गई है, उनके परिजनों को 35 लाख दिया जाएगा। इसके साथ ही परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाएगी। जिन घायलों का इलाज चल रहा है उनके इलाज का खर्च भी प्लांट प्रबंधन उठाएगा। जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए मजिस्ट्रियल इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं। एक तरह जहां मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, वहीं इस दुखद हादसे पर सियासत भी तेज होने लगी है।
कांग्रेस ने हादसे की जांच के लिए अपनी एक जांच दल गठित की है। ये जांच दल पीड़ित परिवारों और मजदूरों से मिलकर हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाएगा। जिला प्रशासन की टीम ने भी हादसे की जांच आठ बिंदुओं पर करेगी।
आठ बिंदुओं पर तैयार होगी जांच रिपोर्ट
-जांच में यह परीक्षण किया जाएगा कि घटना कब और कैसे घटित हुई।
-घटना स्थल पर कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे, तथा किन-किन मजदूरों की मृत्यु एवं कौन-कौन घायल हुए।
-उन परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाएगा जिनके फलस्वरूप यह घटना घटित हुई।
-सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला जांजगीर चांपा और सक्ती की ओर से उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर घटना दिनांक तक किए गए निरीक्षणों की समीक्षा की जाएगी।
-यह देखा जाएगा कि निरीक्षण के दौरान कोई खामियां पाई गई थीं या नहीं, यदि कोई खामी पाई गई थी तो उन पर क्या कार्रवाई हुई।
-घटना के कारणों का निर्धारण करते हुए यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या मानवीय त्रुटि के कारण।
-यह भी निर्धारित किया जाएगा कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
-भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो इसको लेकर भी सुझाव लिए जाएंगे।