शहरी प्रशासन को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ओडिशा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार के आवास और शहरी विकास विभाग (OSWAS) को राज्य के सभी 115 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। यह पहल पारंपरिक कागज-आधारित प्रणाली से एकीकृत, पारदर्शी और दक्ष डिजिटल कार्यप्रवाह की ओर महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।
इस प्रणाली के तहत पांच नगर निगम, 48 नगरपालिकाएं और 62 नोटिफाइड एरिया काउंसिल (NACs) को जोड़ा गया है। OSWAS को 'ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर' के तकनीकी सहयोग और 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़' के साथ मिलकर विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म फाइलों के एंड-टू-एंड डिजिटल प्रबंधन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और समयबद्ध निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने इस पहल को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि OSWAS शहरी प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इससे पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर व तेज सेवाएं मिलेंगी।
इससे पहले नगर प्रशासन में मैनुअल फाइल मूवमेंट, असंगठित प्रक्रियाएं, सीमित निगरानी और कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता जैसी समस्याएं थीं, जिससे काम में देरी होती थी। OSWAS इन समस्याओं का समाधान करते हुए डिजिटल ऑडिट ट्रेल, मानकीकृत प्रक्रियाएं और स्वचालित प्रणाली के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया, जिसमें पहले प्रक्रियाओं का विश्लेषण, फिर पुनर्गठन, सुरक्षित प्लेटफॉर्म कॉन्फिगरेशन और अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल था। पायलट परीक्षण के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया गया और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए इसमें सुधार किया जा रहा है।
आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊषा पाढ़ी ने कहा कि OSWAS केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि एक व्यापक प्रशासनिक सुधार है, जो कार्यप्रणाली को मानकीकृत कर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करता है।
इस प्रणाली की एक खास विशेषता रियल-टाइम डैशबोर्ड है, जिससे फाइलों की स्थिति और लंबित मामलों की निगरानी आसानी से की जा सकती है। इससे न केवल प्रशासनिक देरी कम हुई है, बल्कि विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर हुआ है।