कोलकाता और आसपास के इलाके शुक्रवार दोपहर अचानक भूकंप के झटकों से हिल उठे। दोपहर 1:23 बजे शहर में बार-बार हल्की से मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर लगभग 5.0 मापी गई है, जिससे लोगों में चिंता और डर की स्थिति उत्पन्न हो गई। भूकंप के झटके सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं रहे। हावड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भी लोग झटके महसूस कर चुके हैं। कई नागरिकों ने अपने मोबाइल फोन पर भूकंप का अलर्ट प्राप्त किया और तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं, जिसमें उन्होंने बताया कि झटके के दौरान उन्हें अपने घर और कार्यालय की दीवारें हिलती हुई महसूस हुईं। कुछ ने अलार्म बजने के बाद बाहर निकलकर खुले स्थानों में शरण ली। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। नागरिकों को झटकों के दौरान भारी वस्तुओं और फर्नीचर से दूर रहने, खुले स्थानों में जाने, इमारतों में हिलने वाली दीवारों और दरवाजों से दूर रहने, जैसी सावधानियों के पालन करना निर्देश दिया गया।
भूकंप के तुरंत बाद किसी बड़े नुकसान या घायल होने की खबर नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों ने सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है। सिस्मोलॉजिस्ट्स का कहना है कि पूर्वी भारत में कभी-कभी मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। रिक्टर स्केल पर 5.0 की तीव्रता वाले भूकंप से आम तौर पर इमारतों को गंभीर नुकसान नहीं होता, लेकिन हल्के से मध्यम नुकसान और डर की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा कि भूकंप के झटकों के बाद दोबारा झटके आने की संभावना रहती है, इसलिए सावधानी आवश्यक है।