बालेश्वर जिले के जलेश्वर तहसील अंतर्गत शेखसराय (ए) बालू खदान को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय तनाव फैल गया, जब ग्रामीणों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच झड़प हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने जलेश्वर तहसील के शेखसराय (ए) बालू खदान के संबंध में जनमत जानने के लिए जनसुनवाई बुलाई थी।
यह खदान मोहम्मद नगर पताना पंचायत के अंतर्गत आती है और वर्ष 2015 में इसकी नीलामी हुई थी। हालांकि, नीलामी के बाद पिछले एक दशक में यहां बालू उत्खनन नहीं हुआ। इसी को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सवाल उठाए और इतने लंबे अंतराल के बाद जनसुनवाई आयोजित किए जाने पर स्पष्टीकरण की मांग की।
कार्यवाही के दौरान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह, डीएसपी मानस कुमार देव और जलेश्वर तहसीलदार सत्यजीत मोहंती सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ग्रामीणों ने पर्यावरणीय प्रभाव और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर कड़ा विरोध जताया, तब स्थिति तनावपूर्ण हो गई और झड़प की नौबत आ गई। घटना के बाद कई लोगों को हल्की चोटें आईं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने खदान संचालन को लेकर आम जनता की राय जानने के उद्देश्य से यह जनसुनवाई आयोजित की थी, लेकिन इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में बालू खनन को दोबारा शुरू करने को लेकर स्थानीय निवासियों के गहरे अविश्वास को उजागर कर दिया।