ओडिशा सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने में विफल रहने वाले कई निजी अस्पतालों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिग ने विधानसभा में दी।
मंत्री का यह जवाब विधायक सागर चरण दास द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में आया, जिसमें राज्य स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कैशलेस इलाज न देने वाले निजी अस्पतालों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
महालिग ने सदन को बताया कि मार्च 2026 तक सरकार को आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना–गोपबंधु जन आरोग्य योजना के तहत अस्पतालों में अनियमितताओं से जुड़ी कुल 56 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निस्तारण किया गया।
इन 56 शिकायतों की औपचारिक समीक्षा के बाद संबंधित अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। इनमें से 10 अस्पतालों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अस्पताल पर आर्थिक दंड लगाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।