बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। 16 मार्च 2026 को होने वाले मतदान से पहले एनडीए (NDA) खेमे में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि विधानसभा में मजबूत संख्या बल के आधार पर पांचों सीटों पर जीत सुनिश्चित है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भरोसा जताते हुए कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष किसी भी तरह की रणनीति अपनाए, लेकिन चुनाव परिणाम गठबंधन के पक्ष में ही आएगा। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों के साथ बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई है, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।राज्य सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बैठक में वोटिंग प्रक्रिया और रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। विधायकों को निर्देश दिया गया है कि वे मंगलवार सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच मतदान प्रक्रिया पूरी करें।
इसके अलावा आरएलएम नेता उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर भी विधायकों के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जहां चुनाव से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। जदयू विधायक कोमल सिंह ने बताया कि गठबंधन के सभी विधायक आपसी समन्वय के साथ चुनावी तैयारियों में जुटे हैं।भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि इस बार कई विधायक पहली बार राज्यसभा चुनाव में मतदान करेंगे। ऐसे में उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की गलती न हो।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर भी इसी तरह की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विधायकों को मतदान की तकनीकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। एनडीए उम्मीदवारों के नाम बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें अप्रैल में खाली हो रही हैं।
इन सीटों के लिए एनडीए ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं:
नीतीश कुमार (जदयू)
नितिन नवीन (बीजेपी)
रामनाथ ठाकुर (जदयू)
शिवेश कुमार (बीजेपी)
उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम)