नेपाल फ्लैश फ्लड: बारीपदा की युवती सुरक्षित घर लौटी

  • Aug 31, 2026
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बारीपदा,31 अगस्तः

कई दिनों की चिंता और अनिश्चितता के बाद बारीपदा की 20 वर्षीय कुलसुम निगार सोमवार (31 अगस्त) को नेपाल से सकुशल अपने घर लौट आईं। उनके सुरक्षित घर पहुंचने से परिवार ने राहत की सांस ली है। कुलसुम नेपाल में यात्रा के दौरान करीब दो दिनों तक अपने परिवार के संपर्क में नहीं थीं। इस दौरान नेपाल के कुछ हिस्सों में नेटवर्क बाधित होने के साथ-साथ अचानक आई बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी।

कुलसुम 21 अगस्त को नौ सदस्यीय ट्रेकिंग दल के साथ नेपाल के लिए रवाना हुई थीं। यह दल बागलुंग जिले के ढोरपाटन गया था, जो हाल की फ्लैश फ्लड से प्रभावित क्षेत्रों से करीब 400 किलोमीटर दूर है।

 करीब दो दिनों तक कुलसुम से संपर्क नहीं हो पाने के बाद उनका परिवार बेहद चिंतित हो गया। उनके ठिकाने और सुरक्षा को लेकर कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने प्रशासन से संपर्क किया और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी।

 परिवार की चिंता 29 अगस्त को कुछ कम हुई, जब कुलसुम ने ढोरपाटन से अपने परिवार से संपर्क स्थापित किया और एक ऑडियो संदेश भेजा। उन्होंने परिवार को बताया कि वह और ट्रेकिंग दल के अन्य सभी सदस्य सुरक्षित हैं।

 कुलसुम ने 29 अगस्त की शाम ढोरपाटन से अपनी वापसी यात्रा शुरू की। सबसे पहले वह पोखरा पहुंचीं और वहां से बस के जरिए भारत-नेपाल सीमा स्थित रक्सौल गईं। रक्सौल से उन्होंने मिथिला एक्सप्रेस पकड़ी और कोलकाता पहुंचीं। सोमवार को वह कोलकाता से बस के जरिए बारीपदा आईं और आखिरकार सुरक्षित अपने घर पहुंच गईं।

 अपने अनुभव के बारे में कुलसुम ने बताया कि शुरुआत में दल को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई थी और वे अपनी योजना के अनुसार यात्रा कर रहे थे। हालांकि, ढोरपाटन पहुंचने के बाद संचार सबसे बड़ी समस्या बन गया।

 कुलसुम ने कहा कि नेटवर्क की समस्या के कारण हमें स्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी। जब भी नेटवर्क मिलता था, तब हमें पता चलता था कि क्या हो रहा है और हम बहुत डर गए थे। हम नौ लोगों की टीम थे। मैं भुवनेश्वर की दीपिका (32) को जानती थी और हम साथ यात्रा कर रहे थे। दीपिका के दोस्त भी दूसरे राज्यों से आए थे।

 उन्होंने आगे कहा कि हम सबसे पहले पोखरा गए और उसके बाद नेपाल में अलग-अलग जगहों पर घूमने की योजना थी। शुरुआत में सब कुछ योजना के अनुसार बहुत अच्छा चल रहा था। लेकिन जब हम ढोरपाटन पहुंचे, तब नेटवर्क की समस्या शुरू हो गई। उसी दिन फ्लैश फ्लड भी आई थी और हम अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। हमें पता ही नहीं था कि क्या हुआ है। आखिरकार 29 अगस्त को नेटवर्क मिला और हमने अपने परिवारों को बताया कि हम सुरक्षित हैं।

 कुलसुम की सुरक्षित वापसी के साथ ही परिवार का कई दिनों से चला आ रहा चिंता और इंतजार खत्म हो गया। उन्हें सकुशल घर वापस देखकर परिवार के सदस्यों ने खुशी और राहत व्यक्त की।

 इस बीच, 26 अगस्त को नेपाल के कई हिस्सों में विनाशकारी फ्लैश फ्लड आई थी। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास स्थित रसुवा जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा। बताया गया कि बाढ़ की स्थिति संभावित ग्लेशियर टूटने या बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने के कारण पैदा हुई, जिससे भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा भोटे कोशी नदी तंत्र में आ गया।

 इस प्राकृतिक आपदा से घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं के बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा। सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण कई इलाके दूसरे क्षेत्रों से कट गए, जबकि संचार नेटवर्क बाधित होने से लोगों के लिए अपने परिवारों से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया।

 नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। नेपाल सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां लापता लोगों की तलाश करने तथा प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं।

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