ओडिशा मंत्रिमंडल ने बुधवार को जयदेव विहार–नंदनकानन रोड कॉरिडोर के उन्नयन के लिए एम/एस दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड की 579 करोड़ रुपये (जीएसटी को छोड़कर) की सबसे कम बोली को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना कलिंग स्टेडियम के गेट नंबर-4 से रघुनाथपुर ब्रिज तक 9.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर लागू की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग (वर्क्स डिपार्टमेंट) ने इस परियोजना को 949.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी पहले ही प्रदान कर दी है। परियोजना के तहत मौजूदा छह लेन सड़क को आठ लेन के आधुनिक शहरी कॉरिडोर में विकसित किया जाएगा। साथ ही विभिन्न प्रमुख चौराहों पर ग्रेड-सेपरेटेड जंक्शन (फ्लाईओवर) बनाए जाएंगे, जिससे भुवनेश्वर और कटक के बीच यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या कम होगी।
परियोजना के तहत जयदेव विहार (केबल स्टे ब्रिज), कलिंग हॉस्पिटल स्क्वायर, डमना स्क्वायर और कीट (KIIT) स्क्वायर पर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसके अलावा कलरहंगा जंक्शन का भी विकास किया जाएगा।
साथ ही सर्विस रोड, स्लिप रोड, राउंडअबाउट, आधुनिक जल निकासी व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सबवे, भूमिगत पार्किंग, प्रमुख चौराहों पर व्यावसायिक विकास, सड़क सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं, हाईमास्ट लाइटिंग और सौंदर्यीकरण (लैंडस्केपिंग) जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य भुवनेश्वर के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में से एक पर जाम की समस्या को कम करना, दुर्घटना की आशंकाओं को घटाना, पैदल यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना तथा बारंग और कटक की ओर निर्बाध क्षेत्रीय संपर्क सुनिश्चित करना है। यह परियोजना शहर की दीर्घकालिक शहरी परिवहन और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) योजना को भी मजबूती देगी।
परियोजना के अनुबंध में 10 वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी और रखरखाव अवधि शामिल है। इसी अवधि तक सड़क किनारे पौधरोपण और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होगी।
टर्नकी आधार पर दिए गए इस ठेके के तहत परियोजना को 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।