रथ यात्रा-2026 के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए ओडिशा पुलिस ने साइबर ठगी से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी साइबर संबंधी घटना पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश पर अपराध अन्वेषण विभाग-अपराध शाखा (CID-Crime Branch), ओडिशा द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना और विशेष रूप से श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर की जाने वाली ऑनलाइन होटल बुकिंग ठगी तथा अन्य डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क करना है।
इस पहल के तहत शनिवार शाम पुरी में 'साइबर रथ' नामक एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता वाहन को रवाना किया गया। यह वाहन पूरे तीर्थनगरी में भ्रमण कर श्रद्धालुओं, पर्यटकों, होटल संचालकों, स्थानीय निवासियों तथा अन्य संबंधित पक्षों के बीच साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश और जागरूकता सामग्री का प्रचार-प्रसार करेगा।
फर्जी होटल बुकिंग से जुड़े साइबर अपराधों की रोकथाम को और मजबूत करने के लिए शनिवार शाम छह बजे पुरी रिजर्व पुलिस लाइन में पुरी होटल ओनर्स एसोसिएशन के साथ एक समन्वय बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य पुलिस और वास्तविक होटल संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आने वाले श्रद्धालुओं तक साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह और जागरूकता संदेश व्यापक रूप से पहुंचाना है।
सीआईडी-सीबी की सोशल मीडिया यूनिट भी रथ यात्रा से जुड़े साइबर अपराधों पर लगातार नजर रख रही है। पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक यूनिट ने 212 फर्जी होटल वेबसाइटों और 26 फर्जी होटल वेबपेजों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया है।
पुलिस ने बताया कि केवल जून महीने में ही 50 फर्जी होटल वेबसाइटों और 26 फर्जी वेबपेजों का पता लगाकर उन्हें बंद कराया गया। यह कदम श्रद्धालुओं को ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचाने के लिए पुलिस की सक्रिय कार्रवाई को दर्शाता है।
ओडिशा पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और रथ यात्रा-2026 को सुरक्षित, संरक्षित एवं साइबर जागरूक बनाने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग करें।