ओडिशा सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों को नया रूप देने के लिए मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना (MSBY) के तहत एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है।
यह घोषणा शहरी विकास से जुड़े स्थानीय निकायों (ULB) की उच्चस्तरीय बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्णचंद्र महापात्र ने की।
सरकार ने बताया कि शहरों में मौजूद झुग्गियों को हटाकर वहां रहने वाले लोगों को सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। खाली कराई गई जमीन पर आधुनिक मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जिससे बेहतर बुनियादी ढांचा और व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने भ्रष्टाचार को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सतर्कता (विजिलेंस) कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को अधिक स्वच्छ और रहने योग्य बनाने के लिए सड़क किनारे की अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण को भी हटाएगी।
इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में कुल 6,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिसमें से 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए 1,200 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
अब तक 7,800 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें एक करोड़ से अधिक लागत वाली 200 से ज्यादा परियोजनाएं शामिल हैं। इसी क्रम में शनिवार को 181 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 681 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ।
अब तक 4,685 परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं और 2,735 परियोजनाओं के लिए कार्य आदेश दिए जा चुके हैं।
योजना के तहत 100 से अधिक गौशालाएं (कैटल शेल्टर), 40 कार्यालय भवन, 100 से ज्यादा मार्केट कॉम्प्लेक्स और 10 ईवी चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
मंत्री महापात्र ने बताया कि राज्य के 47 नगर निकायों में पहले ही 862 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया जा चुका है। इस पहल से ओडिशा के शहरों में आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर आवास और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है, साथ ही कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।