कुचायकोट विधासभा क्षेत्र से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। व्यवहार न्यायालय के एडीजे-3 में चल रहे एक जमीन मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले से बचाव पक्ष को बड़ी कानूनी संजीवनी मिली है, जबकि अब सबकी निगाहें अगली सुनवाई की तारीख पर टिकी हैं। मनन मिश्रा ने पेश की दलील: दरअसल मामले की गंभीरता को देखते हुए बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित सिविल कोर्ट के वरीय अधिवक्ता मनन मिश्रा ने पैरवी की। न्यायालय में अपनी दलील पेश करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण आपराधिक श्रेणी में नहीं आता है।
अधिवक्ता मनन मिश्रा ने तर्क दिया कि यह मामला मुख्य रूप से सिविल विवाद से संबंधित है। प्रकरण के तथ्यों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर इसमें क्रिमिनल केस का कोई ठोस आधार या ग्राउंड नहीं बनता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने मामले को देखते हुए पप्पू पांडेय और राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर तात्कालिक रोक लगाने का आदेश जारी किया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 मई की तिथि निर्धारित की है। इस अवधि तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेंगी, जिससे उन्हें अपनी कानूनी रणनीति तैयार करने का पर्याप्त समय मिल गया है। बचाव पक्ष का शुरू से ही यह कहना रहा है कि इसे राजनीतिक द्वेष या गलतफहमी के कारण आपराधिक रंग देने की कोशिश की गई है।