भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंदुझर जिले के हाटडीही ब्लॉक के तीन सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों को ग्रामीण रोजगार योजना के लिए आवंटित सरकारी चावल के गबन मामले में शनिवार को विशेष सतर्कता अदालत ने दोषी करार दिया है।
दोषी अधिकारियों में पूर्व वेलफेयर एक्सटेंशन ऑफिसर गंगाधर नायक, पूर्व फिशरी एक्सटेंशन ऑफिसर रमेश चंद्र सेठी और पूर्व प्रोग्रेसिव असिस्टेंट श्रीकांत सेठी शामिल हैं।
ये तीनों वर्ष 2002-03 के दौरान हाटडीही ब्लॉक में पदस्थ थे। केंदुझर के विशेष सतर्कता न्यायाधीश ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया। उन पर श्रम आधारित परियोजनाओं के लिए सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (SGRY) के तहत आवंटित सरकारी चावल के गबन का आरोप था।
अदालत ने तीनों को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
दोषसिद्धि के बाद ओडिशा सतर्कता विभाग अब तीनों दोषी अधिकारियों की पेंशन सुविधाएं बंद कराने के लिए सक्षम प्राधिकरण से अनुरोध करेगा।