बस्तर में विजयादशमी का पर्व इस बार पुलिस और आम जनता के लिए खास संदेश लेकर आया। दशहरे के अवसर पर जगदलपुर स्थित पुलिस लाइन में बस्तर पुलिस ने नक्सल मोर्चे पर इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक हथियारों और पुलिस वाहनों का विधि-विधान से पूजन किया। पूजा-अर्चना में बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, एसपी सलभ सिन्हा समेत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी और डीआरजी के जवान शामिल हुए। विजयादशमी के मौके पर पुलिस लाइन में उन अत्याधुनिक हथियारों और संसाधनों को विशेष रूप से शामिल किया गया, जिनका इस्तेमाल नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकों में तैनात जवानों द्वारा ऑपरेशन के दौरान किया जाता रहा है। दूरस्थ पुलिस कैंपों में सुरक्षा के लिए उपयोग होने वाले हथियारों को भी पुलिस लाइन लाकर पूजा में शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पूरे विधि-विधान के साथ शस्त्रों की पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही पुलिस वाहनों का भी पूजन किया गया। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की यह परंपरा पुलिस बल के लिए अपने कर्तव्य, साहस और जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जाती है।बस्तर एसपी सलभ सिन्हा ने कहा कि इस वर्ष विजयादशमी का पर्व बस्तर पुलिस और यहां की जनता के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद की वजह से बस्तर के लोगों और सुरक्षा बलों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और कई जवानों व नागरिकों ने अपनी जान गंवाई।
एसपी ने कहा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और लगातार चलाए गए अभियानों के चलते बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। ऐसे में इस बार पुलिस के साथ-साथ बस्तर की जनता भी विजयादशमी का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मना रही है। नक्सल विरोधी अभियानों में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों और अन्य संसाधनों की पूजा की गई। इस दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने बस्तर में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने का संकल्प भी लिया।