ओडिशा में पिछले तीन वर्षों के दौरान शिकारियों द्वारा कम से कम 325 वन्यजीवों की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। इनमें एक बाघ, 11 तेंदुए और 14 हाथी शामिल हैं। यह जानकारी वन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने मंगलवार को विधानसभा में दी।
बीजद विधायक रमेश चंद्र बेहरा के लिखित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 में शिकार के 136 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024-25 में 79 मामले सामने आए। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 110 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
इस अवधि में शिकारियों का का शिकार बने वन्यजीवों में 160 जंगली सूअर, 23 सांभर, 31 हिरण, एक भालू, एक किंग कोबरा, दो पैंगोलिन और 11 साही भी शामिल हैं, इसके अलावा बाघ, तेंदुए और हाथियों की भी मौत हुई है।
मंत्री ने आगे बताया कि इसी अवधि में लकड़ी और अन्य वन उत्पादों से जुड़े अवैध गतिविधियों के कुल 89,805 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान ऐसे अपराधों में इस्तेमाल किए गए 1,452 वाहनों को जब्त किया गया।
सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में रोकथाम और सख्ती के उपाय तेज किए गए हैं। इनमें एंटी-पोचिंग कैंप की स्थापना, पैदल गश्त बढ़ाना तथा जंगलों में आग की शुरुआती पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग शामिल है।
उन्होंने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए “गजसाथी” की नियुक्ति, सूचना देने वालों को प्रोत्साहन, संयुक्त टास्क फोर्स का गठन, रेलवे और ऊर्जा विभागों के साथ समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियान जैसे कदम भी वन्यजीव अपराधों पर रोक लगाने के लिए लागू किए जा रहे हैं।