सोआ होटल मैनेजमेंट संस्थान में पांच दिवसीय ‘पखाल उत्सव’ की शुरुआत

  • Apr 01, 2026
Khabar East:5-day-Pakhala-Utsav-kicks-off-at-SOA-Hotel-Management-Institute
भुवनेश्वर, 01 अप्रैल:

ओडिशा के पारंपरिक व्यंजन पखालको बढ़ावा देने और उसकी सांस्कृतिक महत्ता को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से सोआ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसएचएम) में बुधवार से पांच दिवसीय पखाल उत्सवकी शुरुआत हुई।

पखालपके हुए चावल को पानी में भिगोकर या हल्का किण्वित कर तैयार किया जाने वाला पारंपरिक भोजन है, जिसे गर्मी से राहत देने और लू से बचाव में सहायक माना जाता है। ओडिशा के घरों में इसे पूरे वर्ष पारंपरिक रूप से खाया जाता है।

 उत्सव का उद्घाटन सोआ के कुलपति प्रो. प्रदीप्त कुमार नंद ने किया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि संस्थान ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य के इस प्रतिष्ठित व्यंजन के लाभों को भी सामने ला रहा है।

 यह विशेष उत्सव 1 से 5 अप्रैल तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। आगंतुक दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक संस्थान परिसर में ग्रामीण परिवेश की थीम के बीच भोजन का आनंद ले सकेंगे। मिट्टी के घर, माटी के बर्तन और बांस की सजावट के साथ पारंपरिक माहौल तैयार किया गया है, जबकि छात्र, शिक्षक और कर्मचारी पारंपरिक ओड़िया वेशभूषा में नजर आएंगे। प्रति व्यक्ति भोजन शुल्क 250 रुपये रखा गया है।

 इस वर्ष उत्सव की थीम ओड़िया गांव: हथकरघा और हस्तशिल्प विरासतरखी गई है, जो आगंतुकों को राज्य की ग्रामीण परंपराओं की झलक प्रदान करेगी।

 पखाल’, जिसे विभिन्न नामों और रूपों में जाना जाता है, पूर्वी भारत के कई राज्यों के साथ नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के कुछ हिस्सों में भी लोकप्रिय है।

 उत्सव में उसुना पखाल’, ‘अरुआ पखाल’, ‘दही पखाल’, ‘लेम्बू पखालऔर अदा पखालजैसे विभिन्न प्रकार परोसे जाएंगे। इनके साथ पत्रपोड़ा माछ’, ‘चिंगुड़ी छेचा’, ‘माछ कालियाजैसे मांसाहारी व्यंजन तथा पत्रपोड़ा छत्तू’, ‘आलू-बैंगन’, ‘नड़िया भजा’, ‘आलू कलरा बत्ती तरकारी’, ‘साग बड़ी भजा’, ‘कच्चा आम’, ‘टमाटर छेचाऔर बड़ी चुराजैसे शाकाहारी व्यंजन भी उपलब्ध रहेंगे।

 एसएचएम के डीन प्रो. सुशांत रंजन चैनी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भावी आतिथ्य पेशेवरों को तैयार करने के साथ-साथ स्थानीय खाद्य परंपराओं के संरक्षण और प्रचार को बढ़ावा देना है। यह आयोजन युवा शेफों को स्थानीय सामग्री, टिकाऊ खाद्य प्रणाली और पारंपरिक पाक तकनीकों के महत्व के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास है।

Author Image

Khabar East

  • Tags: