मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को सुवर्णपुर जिले में 633 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और 1,848 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को कुल 126 करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ओडिशा के विकास और ग्रामीण परिवर्तन में महिलाएं अहम भागीदार हैं।
सुभद्रा शक्ति मेला में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं केवल लाभार्थी ही नहीं, बल्कि राज्य के विकास में सक्रिय योगदानकर्ता भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और उद्यमशीलता ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत खलियापाली में संत कवि भीमा भोई के समाधि पीठ पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की, जहां उन्होंने प्रबंधन समिति के सदस्यों और संतों से संवाद किया। उन्होंने घोषणा की है कि ओडिशा की सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना को दिशा देने वाले इस महान कवि-संत की स्मृति में बने समाधि पीठ का 35 करोड़ रुपये की लागत से विकास किया जाएगा।
जिले के विकास में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को 126 करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाएगी, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी और आजीविका के अवसरों में वृद्धि करेगी।
वहीं, इस अवसर पर वीरमहाराजपुर विधायक रघुनाथ जगदल ने मुख्यमंत्री की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद कम समय में ही मुख्यमंत्री ने सुवर्णपुर में अनेक परियोजनाएं शुरू की हैं और वे कृषि, सिंचाई और पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जिला कलेक्टर नृपराज साहू ने स्वागत भाषण दिया, जबकि जिला मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मेहर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।