ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए उन पर “महिला विरोधी” मानसिकता रखने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष के रुख की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की आधारशिला हैं और यह विधेयक उन्हें केवल भागीदार नहीं बल्कि वास्तविक नीति-निर्माता बनने का अवसर देगा। माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सिर्फ ‘सहयोगी’ नहीं बल्कि ‘सारथी’ मानते हैं। आने वाले दिनों में महिलाएं किसी की दया पर नहीं बल्कि अपनी क्षमता और योग्यता के दम पर विधानसभा तक पहुंचेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने खुद को “महिला विरोधी” साबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर विपक्ष का दोहरा चरित्र साफ दिखाई देता है।
बीजू जनता दल (BJD) सरकार के 24 वर्षों के शासन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कई संवेदनशील मामलों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बेबिना, कुंदुली, इतीश्री प्रधान, परी और ममता मेहर जैसे चर्चित महिला मामलों में पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। उन्होंने विपक्ष पर अपराधियों को संरक्षण देने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।
मुख्यमंत्री ने महानदी जल विवाद, दाना माझी प्रकरण, कलिंग नगर फायरिंग और चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों को लेकर भी पूर्ववर्ती सरकार को घेरा।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए माझी ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा के मामलों में पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई है।