नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने और पर्यावरणीय सततता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कटक जिले के दो गांव ओडिशा के पहले पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित गांव बन गए हैं।
नरसिंहपुर ब्लॉक के ओलाब और कंदकेला देवभूमि गांवों को गुरुवार को आधिकारिक रूप से सौर ऊर्जा चालित घोषित किया गया। यह उपलब्धि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हासिल की गई।
उद्घाटन समारोह का नेतृत्व बड़ंबा विधायक बिजय कुमार दलबेहरा ने किया। इस अवसर पर कटक कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे, आठगढ़ उप-कलेक्टर प्रह्लाद नारायण शर्मा, टीपी सेंट्रल ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPCODL) के अधिकारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
TPCODL द्वारा क्रियान्वित इस परियोजना के तहत लगभग 80 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए— जिनमें ओलाब के 51 और कंदकेला देवभूमि के 29 घर शामिल हैं। यह पूरा कार्य महज 25 दिनों के भीतर पूरा किया गया।
इस पहल से गांवों को पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है और अब उन्हें नवीकरणीय सौर ऊर्जा के माध्यम से निर्बाध स्वच्छ बिजली उपलब्ध हो रही है।
ये गांव ओडिशा में पूर्ण सौर विद्युतीकरण हासिल करने वाले पहले गांव हैं। इस परियोजना में विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि सभी को विश्वसनीय बिजली की समान पहुंच मिल सके और घरेलू खर्च कम हो।
स्थापना के लिए वित्तीय सहायता सहयोगात्मक मॉडल के तहत दी गई। केंद्र सरकार ने प्रति सोलर सिस्टम 30,000 की सब्सिडी प्रदान की, राज्य सरकार ने लगभग 25,000 का योगदान दिया, जबकि लाभार्थियों का हिस्सा जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि से जिला प्रशासन द्वारा वहन किया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से बीपीएल परिवारों को ध्यान में रखकर की गई है, ताकि उन्हें भरोसेमंद बिजली की समान सुविधा मिल सके और उनके खर्च कम हों। निर्बाध सौर बिजली से घरों के जीवन स्तर में सुधार होगा, जिससे रोशनी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसर बेहतर होंगे, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना है, ताकि लोगों को मुफ्त या रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा सके।