पुरी में रथ यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रथ निर्माण के लिए पवित्र लकड़ियां पुरी के ग्रैंड रोड पर पहुंच गई हैं। बौध जिले के मधुपुर जंगल से 12 फीट लंबाई की 9 और 20 फीट लंबाई की 19 आसन लकड़ियां लाई गई हैं। इन लकड़ियों का उपयोग भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के भव्य रथों के निर्माण में किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, आज कटक के खपड़िया स्थित ओडिशा फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की आरा मिल में रथ निर्माण की लकड़ियों के अभिषेक (पूजन) के लिए विशेष पूजा समारोह आयोजित किया जाएगा। यह पूजा दोपहर 12:16 बजे से 2:41 बजे के बीच संपन्न होगी। इसी अनुष्ठान के साथ रथ यात्रा 2026 की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है।
इस समारोह में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की एक टीम भी शामिल होगी, जो मंदिर से पूजा सामग्री और भोग लेकर सुबह 10 बजे कटक के लिए रवाना होगी।
उल्लेखनीय है कि रथ निर्माण एक अत्यंत सूक्ष्म और पारंपरिक प्रक्रिया है, जिसके लिए कुल 865 लकड़ी के गट्टों (लॉग्स) की आवश्यकता होती है, जिनमें आसन, धौरा और फासी लकड़ी शामिल हैं। इन लकड़ियों का सरस्वती पूजा के दिन विधिवत पवित्रीकरण किया गया था, जबकि रथ निर्माण का कार्य अप्रैल 2026 में अक्षय तृतीया से शुरू होगा। रथ यात्रा जुलाई 2026 में आयोजित होने की संभावना है।