ओडिशा सरकार अप्रैल महीने में शराब दुकानों के आवंटन के लिए लॉटरी आयोजित करने जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लॉटरी जिला कलेक्टर की उपस्थिति में आयोजित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रक्रिया को और सुव्यवस्थित बनाने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना खत्म करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी प्रणाली का भी उपयोग किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछली लॉटरी प्रणाली के जरिए लाइसेंस प्राप्त शराब दुकानदारों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा। हालांकि, नई दुकानों के आवंटन तक सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें दो महीने का विस्तार दिया जाएगा।
संबंधित निर्णय के तहत, तीन-सितारा और उससे ऊपर की रेटिंग वाले होटल, जिनमें बार सुविधा उपलब्ध है, उन्हें ऑन-शॉप (बार) अनुमति प्रदान की जाएगी। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई आबकारी नीति के तहत कोई नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी।
मौजूदा ऑफ-शॉप शराब दुकानों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा और उनका न्यूनतम गारंटीकृत आबकारी राजस्व (MGER) उसी के अनुसार तय किया जाएगा।
आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि ऑफ-शॉप और सीएल दुकानों के पांच वर्षीय लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो रहे हैं। अप्रैल में लॉटरी की व्यवस्था की जाएगी और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। तीन-सितारा और उससे ऊपर के होटल, जिनमें बार सुविधा है, उन्हें ऑन-शॉप अनुमति दी जाएगी।
सरकार का यह कदम राज्य की आबकारी व्यवस्था में निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ नियामकीय नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।