उपमुख्यमंत्री प्रभाति परिड़ा ने मंगलवार को लोक सेवा भवन के कन्वेंशन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग की कई पहलों के साथ पांच वर्षीय योजना ‘आमे पढ़िबा आम्अ भाषारे’ (हम पढ़ेंगे अपनी भाषा में) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रमुख योजनाओं के लिए सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए परिड़ा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण विकसित ओडिशा का मूल आधार है। महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, समान और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने मातृभाषा आधारित प्रारंभिक शिक्षा, बाल विवाह की रोकथाम, किशोर स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विभागों के बीच समन्वय, सामुदायिक भागीदारी और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप ‘आमे पढ़िबा आम्अ भाषारे’ योजना के तहत 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को उनकी मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा दी जाएगी। पहले चरण में यह कार्यक्रम छह जिलों—केंदुझर, कंधमाल, गजपति, रायगड़ा, नवरंगपुर और मलकानगिरी—में मुंडा, कुई, सोरा, कुवी, गोंडी और कोया भाषाओं में लागू किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भाषा-विशेष प्रशिक्षण, शिक्षण सामग्री और ऑडियो-विजुअल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे सीखने के परिणाम बेहतर हो सकें। परिड़ा ने कहा कि इस योजना की जानकारी हर घर तक पहुंचाई जाए और इससे आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के लिए और अधिक आकर्षक बनेंगे।
इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए 100 दिवसीय राज्य स्तरीय अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता, युवा नेतृत्व, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय संस्थानों के माध्यम से बालिका शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत साइकिल रैलियां, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम और डिजिटल पहलें की जाएंगी।
मयूरभंज जिले में यूनिसेफ के सहयोग से एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत किशोर माताओं को समेकित सहायता दी जाएगी और किशोरावस्था में गर्भधारण की रोकथाम की जाएगी। इस पहल में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पुनः कौशल और कौशल विकास से जुड़ी सहायता शामिल होगी। इसे अन्य जिलों के लिए मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
परिड़ा ने बारपल्ली में राज्य महिला एवं बाल संस्थान (एसआईडब्ल्यूसी) के नए प्रशासनिक भवन तथा बौध और कंधमाल जिलों में आईसीडीएस क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए आवासीय क्वार्टरों का भी उद्घाटन किया। इन पहलों का उद्देश्य विभागीय प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव शुभा शर्मा, निदेशक मोनिशा बनर्जी, अतिरिक्त सचिव एन.सी. ज्योति रंजन नायक, सुमित्रा कुमारी पटनायक और अनंत नारायण सिंह लागुरी, ओएसएलएसए के सदस्य सचिव अरबिंदो पटनायक, यूनिसेफ के सीएफओ प्रशांत दाश तथा पिरामल और प्रथम फाउंडेशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। ओडिशा के सभी जिलों के जिला कलेक्टर, जिला समाज कल्याण अधिकारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े। मयूरभंज और मलकानगिरी के जिला कलेक्टरों ने जमीनी हालात और योजनाओं के संभावित प्रभाव की जानकारी दी।