मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज 'नशा मुक्त बिहार अभियान 2026' का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अगर युवा पीढ़ी को नशा का शिकार होने से नहीं रोका गया तो बिहार बर्बाद हो जाएगा। इस दौरान सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि राजस्व का नुकसान के बावजूद उन्होंने शराबबंदी जैसा सफल प्रयोग किया।सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी के 'विकसित भारत' और अमित शाह के 'नशामुक्त भारत' का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने 2029 तक भारत में नशामुक्त अभियान चलाकर नशा को हटाने का ऐलान किया है। हमलोग भी उस दिशा में काम कर रहे हैं और अगले एक महीने तक नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी कानून लाकर बिहार में शराबंबदी का आदेश दिया। उस समय राजस्व की चिंता नहीं करके उन्होंने इतना बड़ा फैसला लिया।सीएम ने कहा, 'बिहार में लगभग 10 वर्षों से शराबबंदी है। यह एक सफल प्रयास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरुआत किया। इसके लिए उनको विशेष तौर पर धन्यवाद देता हूं। मेरा मानना है कि उनके राजनीतिक जीवन में ये सबसे बड़ा प्रयोग था। राज्य के साथ सबसे पड़े प्रयोगों में एक रहा लेकिन अब इसको आगे बढ़ाना है।'
सम्राट चौधरी ने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार की कल्पना करना है और ये तभी संभव है, जब अभियान चलाकर नीचे आम आदमी को जोड़ना है। छात्रों को इससे जोड़ें, जीविका दीदी को जोड़ें, ब्रह्मकुमारी बहनें को भी जोड़ें। ब्रह्मकुमारी बहनें पहले से देशभर में इस अभियान से जुड़ी हैं।