बसंत पंचमी के मौके पर मां सरस्वती की पूजा अर्चना सूर्योदय के साथ शुरू हो गई। हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। देवघर के बाबा धाम मंदिर की बात करें तो यहां सरस्वती पूजा बेहद खास मानी जाती है क्योंकि यहां सिर्फ सरस्वती पूजा ही नहीं बल्कि भगवान शिव का तिलक महोत्सव भी आयोजित किया जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माना जाता है कि मां पार्वती जो मिथिला की रहने वाली थी, उनके गृह क्षेत्र से हजारों लोग भगवान भोलेनाथ पर जल, गुलाल और घी चढ़ाकर उनका तिलक करते हैं और उन्हें आमंत्रित करते हैं। बसंत पंचमी के दिन देवघर के बैद्यनाथ धाम मंदिर में सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। मिथिला से आए श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा कर रहे हैं और तिलक उत्सव मनाने के बाद आपस में रंग गुलाल लगाकर मिठाइयां बांटकर खुशियां मना रहे हैं।पंडा शशि मिश्रा बताते हैं कि सुबह से ही मंदिर में काफी भीड़ है। लोग सुबह से ही लाइन लगाकर बाबा को जल चढ़ाने के लिए उत्सुक हैं और परिजनों के बेहतर भविष्य के लिए आशीर्वाद ले रहे हैं।
मंदिर के पंडा आगे बताते हैं कि मिथिला से आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि वे भगवान शिव के रिश्ते में साला लगते हैं और रिश्ते को निभाने के लिए हर साल बसंत पंचमी के दिन मंदिर में जल चढ़ाने का रिवाज हैं।इधर, मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर फिलहाल रोक है सिर्फ शीघ्र दर्शनम कूपन के माध्यम से लोगों को दर्शन कराए जा रहे हैं लेकिन उसके लिए भी श्रद्धालुओं को कई घंटे तक इंतजार करना पर रहा है। भगवान शिव के दर्शन के लिए भक्त पांच किलोमीटर तक लंबी लाइन में लगे हुए हैं।