ओडिशा क्राइम ब्रांच की साइबर पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए एक बड़े ऑनलाइन निवेश ठगी मामले का पंजीकरण कर जांच शुरू की है, जिसमें एक पीड़ित से 2.01 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का आरोप है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, अज्ञात साइबर ठगों ने पहले पीड़ित से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया और बाद में उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। आरोपियों ने RCL-PMA, FIVEMAX, 5 PAISA V10705 और TRADERS HUB जैसे कई फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशनों में निवेश कराने का झांसा दिया और ऊंचे व सुनिश्चित मुनाफे का लालच दिया।
झूठे आश्वासनों में आकर पीड़ित ने कुल 2,01,50,000 की राशि ठगों से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
मामला दर्ज होने के बाद निरीक्षक बिजित कुमार बेहरा के नेतृत्व में गठित जांच दल ने बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के आधार पर साइबर पुलिस ने भुवनेश्वर में कार्रवाई करते हुए मनोरंजन राउत (42) को गिरफ्तार किया।
आरोपी आदिकंद राउत का पुत्र है और फ्लैट-103, ब्लॉक-सी, फेज-III, मेट्रो सैटेलाइट सिटी, हंसपाल, बलियंता, खुर्दा जिला का निवासी है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण सहित कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।
मनोरंजन राउत को एसडीजेएम, भुवनेश्वर की अदालत में पेश किया गया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 319(2), 336(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66-सी और 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले अनचाहे निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहें। किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। मामले में आगे की जांच जारी है।