ओडिशा विजिलेंस ने मयूरभंज जिले के बारीपदा स्थित सिंचाई सर्किल कार्यालय के पूर्व डीलिंग असिस्टेंट-सह-डिस्पैच क्लर्क (सेवानिवृत्त) को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार दिलाने में सफलता हासिल की है। विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), बारीपदा ने गौरहरि पात्र को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(c)(d) तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 468, 420, 471 और 409 के तहत ओडिशा विजिलेंस द्वारा आरोपित किया गया था।
यह मामला सरकारी धन के गबन से जुड़ा है, जो ठेकेदारों के नए और नवीनीकरण लाइसेंस शुल्क के रूप में बैंक में जमा किया जाना था।
आरोप है कि पात्र ने फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार कर इस राशि का गबन किया। दोषसिद्धि के बाद ओडिशा विजिलेंस ने कहा कि वह संबंधित प्राधिकारी से दोषी पूर्व कर्मचारी की पेंशन रोकने के लिए कदम उठाएगी।