कोलकाता और आसपास के इलाकों में यातायात की समस्या कम करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार मेट्रो कनेक्टिविटी के विस्तार की योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत डायमंड हार्बर से सीधे एस्प्लेनेड तक भूमिगत मेट्रो रेल संपर्क विकसित करने की संभावना तलाशी जा रही है। इस परियोजना के साकार होने पर दक्षिण 24 परगना के दूरदराज और तटीय इलाकों से कोलकाता आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा मिल सकती है। राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस योजना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शहरों के विकास के लिए शहरी विकास विभाग कई बड़ी परियोजनाओं पर काम करने की तैयारी में है। प्रस्तावित योजनाओं में नदी किनारे अलग पैदल मार्ग, साइकिल लेन और ऐतिहासिक घाटों तथा प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार शामिल है। इसके अलावा राज्यभर में सार्वजनिक शौचालय बनाने और फेरीवालों के लिए आधुनिक हॉकर्स जोन विकसित करने की योजना भी है।
परिवहन विशेषज्ञों के मुताबिक, डायमंड हार्बर से एस्प्लेनेड तक भूमिगत मेट्रो का निर्माण होने पर यात्रियों का समय बचेगा। साथ ही कोलकाता की सड़कों पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव भी कम हो सकता है। शहरी विकास विभाग ने कॉलेज स्ट्रीट के पुस्तक बाजार, कोलकाता के चाइनाटाउन, गंगा के घाटों और मायापुर स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर के विकास का खाका तैयार करने का काम भी शुरू किया है। इसके साथ ही झुग्गी-बस्तियों के विकास की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
विभाग की योजना फेरीवालों को दूसरे स्थानों पर पुनर्वास देकर उनके लिए आधुनिक दुकानें उपलब्ध कराने की भी है। इसके अलावा फूड पार्क, निर्धारित समय पर लगने वाले बाजार और टेंट के माध्यम से कारोबार के अवसर विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।