देश से माओवादी प्रभाव को समाप्त करने की निर्धारित समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही ओडिशा में सुरक्षा बलों ने माओवाद विरोधी अभियानों को तेज कर दिया है। कंधमाल जिले में जिला पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए जा रहे सघन सर्च ऑपरेशन के तहत बड़ी सफलता मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह जिला पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने कंधमाल–कलाहांडी सीमा से सटे गंगेल जंगल क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। यह इलाका माओवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
अभियान के दौरान संयुक्त बलों ने घने जंगल के भीतर एक माओवादी शिविर का पता लगाकर उसे ध्वस्त कर दिया। मौके से माओवादियों द्वारा उपयोग की जाने वाली सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया गया, जिसमें 13 आग्नेयास्त्र, कई वॉकी-टॉकी सेट, सोलर पैनल, बिजली के तार, दवाइयां तथा जंगलों में संचार और जीवन-यापन के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह शिविर सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी कैडरों के लिए अस्थायी ठिकाने और लॉजिस्टिक बेस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। खुफिया जानकारी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि कुछ हार्डकोर माओवादी अब भी आसपास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं।
क्षेत्र में शेष माओवादी तत्वों का पता लगाने और पूरे इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। जिले के संवेदनशील इलाकों में माओवाद विरोधी अभियानों को और तेज करते हुए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।