पुनर्गठित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति की पहली बैठक तीन सितंबर को पुरी में होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बैठक पुरी गजपति महाराज दिव्यसिंह देव की अध्यक्षता में नीलाद्रि भक्त निवास में होगी। बैठक में समिति के नवनियुक्त सदस्यों का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके अलावा, बैठक में मंदिर में श्रद्धालुओं के सुचारू और व्यवस्थित प्रवेश को सुनिश्चित करने के लिए ढाडी दर्शन को सुव्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन के अनुसार, इसके अलावा, एजेंडे में दान पेटी को स्थानांतरित करने और रत्न भंडार की कीमती वस्तुओं की सूची और सत्यापन पर भी चर्चा होगी।
गौरतलब है कि ओडिशा सरकार ने श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम, 1954 के अनुसार, 26 अगस्त को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति में 10 नए सदस्यों की नियुक्ति की थी। यह नियुक्ति पिछली समिति के कार्यकाल की समाप्ति के लगभग 11 महीने बाद हुई है।
पुरी जगन्नाथ मंदिर की प्रबंध समिति, 12वीं शताब्दी के इस मंदिर के प्रशासन, अनुष्ठानों और समग्र कार्यप्रणाली की देखरेख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बतादें कि पुरी जगन्नाथ मंदिर की प्रबंध समिति, 12वीं शताब्दी के इस मंदिर के प्रशासन, अनुष्ठानों और समग्र कार्यप्रणाली की देखरेख करती है और इसके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।