जमीन से जुड़े घोटालों पर रोक लगाने और खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा सरकार ने घोषणा की है कि अब सभी भूमि पट्टों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। यह जानकारी आज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने दी।
पुजारी के अनुसार, क्यूआर कोड में जमीन से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी होगी, जिससे धोखाधड़ी करने वालों के लिए डेटा में हेरफेर करना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (RoR) में अब क्यूआर कोड होगा, जिससे जमीन का विवरण तुरंत देखा जा सकेगा और लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी। क्यूआर कोड के जरिए सही जानकारी उपलब्ध होगी और यदि कोई डेटा में छेड़छाड़ या जालसाजी करने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक को अलर्ट भेजेगा, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
यह नई प्रणाली केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से लागू की जा रही है और उम्मीद है कि इससे राज्य में जमीन से जुड़े विवादों और घोटालों पर रोक लगेगी।
पुजारी ने आगे बताया कि भूमि प्रबंधन और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक व्यापक डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसमें सरकारी विभागों द्वारा पूर्व में किए गए भूमि आवंटन और उनके वर्तमान उपयोग का विवरण भी शामिल होगा।