बिहार के मधुबनी जिले में साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मधुबनी पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी SIM BOX डिवाइस का इस्तेमाल कर विदेशों से आने वाली VOIP कॉल्स को लोकल कॉल में बदलकर पूरे देश में साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि यह गिरोह चीन सहित अन्य देशों के अपराधियों से जुड़ा हुआ था।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी तिरहुत कॉलोनी स्थित एक घर में समानांतर अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चला रहे थे। SIM BOX डिवाइस के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को भारतीय नेटवर्क में रूट किया जा रहा था, जिससे साइबर ठग आसानी से लोकल नंबर से लोगों को ठग सकते थे। इस सेटअप से पूरे भारत में व्यापक स्तर पर साइबर अपराध हो रहे थे। विशेष टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई की और घर की घेराबंदी कर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी मंदीप कुमार के कमरे में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू हालत में पाए। जमीन पर बिखरे लैपटॉप, SIM BOX और अन्य डिवाइस जब्त किए गए। पूछताछ में मंदीप ने कबूल किया कि उसके पास 7 SIM BOX हैं। SIM कार्ड की सप्लाई में रोशन कुमार कामती उसका सहयोगी था, जिसे प्रति SIM 800 रुपये दिए जाते थे। बंद हो जाने वाले SIM को जला दिया जाता था।
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मंदीप सिंह (या मंदीप कुमार), सुरेश सिंह (पिता), मो। अहसान (या मनिष अब्बास), रोशन कुमार कामती, विनोद कामती, विकास कुमार और सुशील ठाकुर शामिल हैं। हालांकि मुख्य रूप से चार को हिरासत में लिया गया है। ये सभी मधुबनी के स्थानीय निवासी हैं और गिरोह में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ साइबर अपराध संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जांच में खुलासा हुआ कि SIM BOX का संचालन चीन के लोगों द्वारा रिमोट तरीके से लैपटॉप के जरिए किया जा रहा था। आरोपी लोकल स्तर पर डिवाइस और SIM की व्यवस्था करते थे, जबकि विदेशी अपराधी ठगी की स्क्रिप्ट और कॉल्स संभालते थे। यह नेटवर्क चीन, कंबोडिया, थाईलैंड जैसे देशों से जुड़ा था, जहां से निर्देश मिलते थे। पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।