ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इससे ओडिशा वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक अहम भूमिका निभाएगा और राज्य के पारंपरिक उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह समझौता ओडिशा के समृद्ध दुर्लभ खनिज संसाधनों (रेयर-अर्थ मिनरल्स) का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, जिससे राज्य उन्नत प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री माझी कहा कि भारत–अमेरिका तकनीकी साझेदारी ने ओडिशा को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर स्थापित किया है। हमारे दुर्लभ खनिजों की बढ़ती मांग के साथ, ओडिशा अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार का केंद्र बनेगा। यह समझौता ओडिशा की खनिज संपदा को ‘ग्लोबल टेक’ से जोड़ता है।
एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने ओडिशा के*हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को लेकर भी आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शुल्क में ढील से निर्यात बढ़ेगा और बुनकरों व कारीगरों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की पारंपरिक वेशभूषा वैश्विक बाजार में एक नया रुझान स्थापित करेगी।
अपने एक्स (X) हैंडल पर मुख्यमंत्री माझी ने लिखा कि चाहे ओडिशा का हथकरघा हो या आधुनिक रेडीमेड परिधान—भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के परिणामस्वरूप ओडिशा की कारीगरी अब दुनिया भर तक पहुंचेगी। शुल्क में ढील से निर्यात आसान होगा, जिससे हमारे बुनकरों और हथकरघा कारीगरों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। ओडिशा की पारंपरिक वेशभूषा अब वैश्विक बाजार में एक नया ट्रेंड बनाएगी।
यह व्यापार समझौता ओडिशा के विकास के लिए नए अवसर खोलेगा, जहां एक ओर राज्य के खनिज संसाधन वैश्विक टेक दिग्गजों से जुड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।