पश्चिम बंगाल के फलता से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया है। जहांगीर खान ने ऐलान किया है कि अब वह चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। यह घोषणा उस दिन हुई है, जिस दिन चुनाव प्रचार खत्म हो रहा है। बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नतीजा सबको मालूम है, इसलिए कोई कैंपेन नहीं चल रहा है। सारी गुंडागर्दी खत्म हो गई है। इनको पता है कि बुरी तरह टीएमसी की हार होगी। फलता डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां दोबारा मतदान की तैयारियों के दौरान तृणमूल कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता की मौजूदगी नहीं दिखी। इस बात पर बीजेपी बंगाल चीफ समिक भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि फलता में चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक कहां हैं। इसी तरह, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए पूछा, "पुष्पा कहां है?"
पश्चिम बंगाल की सियासत में कभी जहांगीर खान की तूती बोलती थी, लेकिन अब सत्ता बदलने के बाद वक्त पूरी तरह से तब्दील हो चुका है। ऐसे में फलता सीट जो 15 सालों से टीएमसी का मजबूत गढ़ बना हुआ है, उस पर बीजेपी भी जीत का परचम फहराना चाहती है।