राज्य में रामनवमी को लेकर सियासी तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है। इस मौके पर भाजपा की तरफ से राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी बीच, रामनवमी की रैली को लेकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने सख्त चेतावनी दी है।शनिवार को दिलीप घोष ने कहा, “रामनवमी के दिन बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरेंगे। अगर किसी ने रोकने की कोशिश की तो उसे रौंदते हुए आगे बढ़ जाएंगे।” दिलीप घोष के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शौकत मोल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। शौकत ने कहा, “अगर बंगाल पुलिस न होती तो दिलीप घोष को घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती।” साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि “भाजपा सत्ता में न आने के कारण हिंसक हो गई है और बंगाल में जानबूझकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। इसलिए लोग सतर्क रहें।”इधर, रामनवमी के पहले कोलकाता समेत पूरे राज्य में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। मेयो रोड, विक्टोरिया मेमोरियल के सामने और मेट्रोपॉलिटन इलाके में रामनवमी की शुभकामनाओं वाले पोस्टर नजर आ रहे हैं। यहां तक कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी पोस्टर लगाए हैं। रामनवमी को लेकर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कोलकाता पुलिस और राज्य प्रशासन सतर्क हो गया है। राज्य के दस जिलों और पुलिस कमिश्नरेट को संवेदनशील घोषित किया गया है।
इनमें आसनसोल, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। इन संवेदनशील जिलों में स्थिति पर नजर रखने के लिए 29 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित उपद्रव को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। पुलिस प्रशासन की नजर रैलियों और कार्यक्रमों पर पैनी बनी हुई है।