बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भद्रक जिले में बैतरणी नदी अखुआपड़ा में खतरे के निशान को पार कर गई है। यहां खतरे का स्तर 18.33 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर वर्तमान में 18.35 मीटर दर्ज किया गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने धामनगर और भंडारीपोखरी क्षेत्रों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।
इसी बीच, जालका नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मथानी में नदी का खतरे का स्तर 6.50 मीटर है, जबकि वर्तमान में इसका जलस्तर 6.76 मीटर पहुंच गया है।
गंजाम जिले में भी गहरे दबाव के प्रभाव से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ऋषिकुल्या, बड़नदी, बाघुआ और घोड़ाहड़ा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इनमें ऋषिकुल्या नदी के आसपास बाढ़ का खतरा सबसे अधिक बना हुआ है। इसे अक्सर गंजाम जिले की जीवनरेखा भी कहा जाता है।
ऋषिकुल्या नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित जनिबिली एनीकट पर खतरे का स्तर 14 फीट है। रातभर में नदी का जलस्तर बढ़कर 13 फीट 4 इंच तक पहुंच गया। वहीं, आस्का में खतरे का निशान 6 फीट 7 इंच है, जबकि नदी का जलस्तर फिलहाल 4 फीट है। ऋषिकुल्या का पानी आस्का के कुछ निचले इलाकों में पहले ही प्रवेश कर चुका है।
बड़नदी, बाघुआ और घोड़ाहड़ा नदियों में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। नदी का पानी सेरागड़ा कुमारपानी स्कूल परिसर में प्रवेश कर गया है। वहीं, सेरागड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी जलभराव की सूचना मिली है।
जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।